गोपाल शर्मा
झारखंड/ पाकुड़
जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित आधार केंद्रों की वर्तमान स्थिति, आधार किटों की कार्यप्रणाली तथा आधार कार्ड अपडेट एवं नामांकन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में कुल 62 आधार केंद्रों के संचालन की अद्यतन जानकारी ली। इस क्रम में डीपीओ-यूआईडी द्वारा अवगत कराया गया कि शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई 12 आधार किटों में से मात्र 7 किट कार्यरत हैं, जबकि शेष 5 किट निष्क्रिय स्थिति में हैं। इस पर उपायुक्त ने एमकेएस एजेंसी एवं जेईपीसी रांची से तत्काल संपर्क स्थापित कर सभी निष्क्रिय किटों को शीघ्र दुरुस्त कर सक्रिय करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण एवं निगरानी पर जोर
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले के प्रज्ञा केंद्रों, पंचायत भवनों एवं अन्य आधार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सामने न आए। उन्होंने डीआइओ, यूआईडीएआई पदाधिकारी तथा सीएससी मैनेजर को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में फर्जी आधार कार्ड का निर्माण नहीं होना चाहिए।
10 वर्ष पुराने आधार कार्ड का अनिवार्य अद्यतन
बैठक में यह भी बताया गया कि जिन लोगों के आधार कार्ड 10 वर्ष से पूर्व बने हैं, उन्हें अपने पहचान प्रमाण एवं पते के प्रमाण सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड कराना अनिवार्य है। इसके लिए जिले में विशेष रूप से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने पर बल दिया गया, ताकि आमजन समय रहते अपने आधार विवरण को अद्यतन करा सकें और किसी प्रकार की परेशानी से बचें।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती बसंती ग्लाडिस बाड़ा, यूआईडी क्षेत्रीय कार्यालय रांची के सहायक प्रबंधक श्री हरवीर, यूआईडी डीपीओ श्री रितेश कुमार श्रीवास्तव, सीएससी मैनेजर, इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के वरीय प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों से अपील की कि वे आधार से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपन्न करें तथा आम जनता को निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

